होम › बिना जन्म-तिथि ज्योतिष › शकुन संकेत › बच्चे या बुज़ुर्ग की छींक — शास्त्र और परंपरा …

बच्चे या बुज़ुर्ग की छींक — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है

बच्चे, बुज़ुर्ग या बीमार व्यक्ति की छींक को लोक-परंपरा अनुसार अपशकुन नहीं गिना जाता — इसकी चिंता न करें।

शकुन संकेत

शास्त्र भी कहता है कि बीमार, डरे या असामान्य हालात वाले शकुन ग्राह्य नहीं होते।

उनकी सेहत का ध्यान रखें — यही असली शुभ काम है।

लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।

आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।

क्यों?लोक-परंपरा अनुसार
क्या करें: शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुरुष और स्त्री के लिए यह नियम अलग है क्या?

लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।

क्या शकुन हमेशा सच होते हैं?

शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।

इसका सबसे आसान उपाय क्या है?

शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें।

इनसे जुड़े और अर्थ

सभी देखें: शकुन संकेत

बिना जन्म-तिथि के और टूल