पीछे से किसी की छींक — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
पीछे से किसी की छींक लोक-परंपरा अनुसार ज़्यादा दोष वाली नहीं मानी जाती — कई जगह इसे काम में देर, पर सफलता का संकेत कहते हैं।
दाईं ओर की छींक को परंपरा में बाईं ओर से बेहतर माना जाता है।
मन शांत रखें और काम की तैयारी एक बार दोबारा देख लें।
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पीछे से किसी की छींक का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
पीछे से किसी की छींक सुबह हो या रात — क्या फ़र्क़ पड़ता है?
शास्त्र समय से ज़्यादा यह देखता है कि छींक किस मौक़े पर आई — काम की शुरुआत, यात्रा या घर-वापसी। सर्दी-ज़ुकाम की छींक शकुन नहीं गिनी जाती।
पीछे से किसी की छींक हो तो क्या उपाय करें?
2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।