सामने से किसी की छींक — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
निकलते समय सामने से किसी की छींक लोक-परंपरा अनुसार रुकावट का संकेत मानी जाती है — थोड़ा रुककर, पानी पीकर आगे बढ़ें।
पीछे या दाईं ओर से आई छींक को परंपरा कम दोष वाली मानती है।
बृहत् संहिता में भी यात्रा के आरंभ की छींक को शुभ नहीं कहा।
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सामने से किसी की छींक का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
सामने से किसी की छींक सुबह हो या रात — क्या फ़र्क़ पड़ता है?
शास्त्र समय से ज़्यादा यह देखता है कि छींक किस मौक़े पर आई — काम की शुरुआत, यात्रा या घर-वापसी। सर्दी-ज़ुकाम की छींक शकुन नहीं गिनी जाती।
सामने से किसी की छींक हो तो क्या उपाय करें?
हाथ-पैर धोकर, थोड़ा पानी पीकर और 11 गहरी साँस लेकर फिर निकलें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।