लग्न: कुंडली का पहला भाव, आसान भाषा में
जन्म के ठीक समय और जगह पर पूर्व दिशा के क्षितिज पर जो राशि उदय हो रही होती है, उसे लग्न कहते हैं। यही कुंडली का पहला भाव बनता है और बाक़ी सब भाव इसी से गिने जाते हैं। चंद्र राशि मन को दिखाती है, जबकि लग्न शरीर, स्वभाव और जीवन की पूरी दिशा को।
जन्म-समय क्यों ज़रूरी है
24 घंटे में पूरा राशि-चक्र (360 अंश) उदय होता है, इसलिए लग्न लगभग हर दो घंटे में बदल जाता है (कुछ राशियाँ जल्दी, कुछ देर से उगती हैं)। 15–20 मिनट का फ़र्क़ भी लग्न बदल सकता है, और लग्न बदलते ही हर भाव का स्वामी बदल जाता है। इसीलिए हम सही जन्म-समय और जगह पूछते हैं। समय पता न हो तो चंद्र राशि या नाम से देखा गया फल ज़्यादा ईमानदार है।
लग्नेश (लग्न का स्वामी)
लग्न की राशि का स्वामी ग्रह लग्नेश कहलाता है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार लग्नेश बलवान और अच्छी जगह हो तो सेहत, आत्मविश्वास और लगातार तरक़्क़ी में साथ मिलता है। हर लग्न के अपने शुभ और योगकारक ग्रह भी होते हैं — नीचे किसी भी लग्न को खोलकर देखें।
12 लग्न
| लग्न | स्वामी | तत्त्व | स्वभाव |
|---|---|---|---|
| मेष | मंगल | अग्नि | चर |
| वृषभ | शुक्र | पृथ्वी | स्थिर |
| मिथुन | बुध | वायु | द्विस्वभाव |
| कर्क | चंद्र | जल | चर |
| सिंह | सूर्य | अग्नि | स्थिर |
| कन्या | बुध | पृथ्वी | द्विस्वभाव |
| तुला | शुक्र | वायु | चर |
| वृश्चिक | मंगल | जल | स्थिर |
| धनु | गुरु | अग्नि | द्विस्वभाव |
| मकर | शनि | पृथ्वी | चर |
| कुंभ | शनि | वायु | स्थिर |
| मीन | गुरु | जल | द्विस्वभाव |
तत्त्व और स्वभाव राशि के शास्त्रीय गुण हैं। असली फल पूरी कुंडली — ग्रहों के बल, दृष्टि और चल रही दशा — से तय होता है। 12 भाव भी देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लग्न और राशि में क्या फ़र्क़ है?
लग्न जन्म के समय पूर्व में उदय हो रही राशि है और यह ठीक जन्म-समय पर निर्भर है। राशि वह है जिसमें चंद्रमा हो, जो लगभग ढाई दिन में बदलती है। वैदिक ज्योतिष में दोनों साथ देखे जाते हैं।
मेरा लग्न कैसे पता करें?
वैदिक दोस्त की मुफ़्त कुंडली में जन्म-तारीख़, ठीक समय और जगह डालें। कुंडली का पहला भाव ही आपका लग्न है।
क्या कोई लग्न अच्छा या बुरा होता है?
नहीं। हर लग्न की अपनी ख़ूबियाँ और अपने शुभ ग्रह हैं। फल पूरी कुंडली से तय होता है, अकेले लग्न से नहीं।