तुला लग्न
जन्म के समय पूर्व में तुला राशि उदय हो रही थी, तो आपका लग्न तुला है। इसके स्वामी शुक्र हैं, इसलिए आपकी कुंडली में शुक्र की स्थिति इस लग्न के लिए बहुत मायने रखती है।
सामान्य स्वभाव
संतुलन, न्याय और रिश्तों में मेल-जोल पसंद। यह वायु तत्त्व और शुक्र के स्वभाव से आता है। पहले भाव में बैठे ग्रह और उस पर पड़ने वाली दृष्टि इस तस्वीर को काफ़ी बदल सकते हैं।
तुला लग्न के शुभ ग्रह
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में हर लग्न के लिए बताया गया है कि कौन-से ग्रह अपने भावों के स्वामित्व के कारण अच्छा फल देते हैं। तुला लग्न के लिए: शनि शुभ; चंद्र-बुध मिलकर राजयोगकारक। इनकी दशा आम तौर पर साथ देने वाली होती है — अगर कुंडली में ग्रह बलवान भी हो।
यह सामान्य जानकारी है। आपका असली फल पूरी कुंडली और चल रही दशा पर निर्भर है। लग्न पक्का नहीं? यह ठीक जन्म-समय से तय होता है।
दूसरे लग्न
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तुला लग्न का स्वामी कौन है?
तुला लग्न के स्वामी शुक्र हैं। कुंडली में इनका बल और स्थान इस लग्न के फल को काफ़ी हद तक तय करता है।
तुला लग्न के लिए कौन-से ग्रह शुभ हैं?
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार: शनि शुभ; चंद्र-बुध मिलकर राजयोगकारक। साथ में आपकी कुंडली में उस ग्रह का बलवान होना भी ज़रूरी है।
क्या तुला लग्न और तुला राशि एक ही हैं?
नहीं। लग्न जन्म के समय उदय राशि है, राशि चंद्रमा वाली राशि। दोनों एक भी हो सकती हैं और अलग भी — मुफ़्त कुंडली में दोनों देखें।