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शुक्र ग्रह (Venus)

शुक्र असुरों के गुरु हैं और इसे प्रेम, सौंदर्य, विवाह, सुख-सुविधा, कला, संगीत, वाहन और भौतिक समृद्धि का कारक माना गया है। पुरुष कुंडली में यह पत्नी का कारक है। कुंडली में शुक्र बताता है कि व्यक्ति जीवन का आनंद कैसे लेता है और रिश्तों में कैसा है।

कारकप्रेम, विवाह, सुख, कला, वाहन
स्वराशिवृषभ, तुला
उच्चमीन
नीचकन्या
मित्रबुध, शनि
शत्रुसूर्य, चंद्र
वारशुक्रवार
रंगसफ़ेद / हल्का गुलाबी

मज़बूत शुक्र

मज़बूत शुक्र वाले लोग आकर्षक, कलाप्रेमी, सुखी वैवाहिक जीवन वाले और सुविधाओं से संपन्न होते हैं। कला, फ़ैशन, मनोरंजन, विलासिता और सौंदर्य उद्योग में ये सफल होते हैं।

कमज़ोर शुक्र

कमज़ोर शुक्र में रिश्तों में तालमेल की कमी या सुख-सुविधा में कमी महसूस हो सकती है। स्वच्छता, कला से जुड़ाव और रिश्तों में सम्मान इसे सहज रूप से सुधारते हैं।

शुक्र की दशा

शुक्र की महादशा 20 वर्ष की होती है, जो सबसे लंबी है। इस समय प्रेम, विवाह, वाहन, घर, कला और भौतिक सुख से जुड़े विषय प्रमुख रहते हैं; आनंद और समृद्धि का दौर माना जाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुंडली में शुक्र किस चीज़ का कारक है?

शुक्र प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, सुख-सुविधा, वाहन और भौतिक समृद्धि का कारक है। पुरुष कुंडली में यह पत्नी का भी कारक है।

शुक्र किस राशि में उच्च होता है?

शुक्र मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में नीच होता है। इसकी अपनी राशियाँ वृषभ और तुला हैं।

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