शनि ग्रह (Saturn)
शनि कर्म और न्याय का ग्रह है। यह अनुशासन, धैर्य, मेहनत, ज़िम्मेदारी, दीर्घायु, सेवक-वर्ग और लंबे समय के फल का कारक है। शनि देर से देता है, पर जो देता है वह टिकता है। कुंडली में शनि बताता है कि व्यक्ति मेहनत और धैर्य से कितना सीखता है।
मज़बूत शनि
मज़बूत शनि वाले लोग अनुशासित, मेहनती, व्यावहारिक और लंबी दौड़ के खिलाड़ी होते हैं। ये प्रशासन, कानून, निर्माण, खनन, लोहा, तेल और सेवा क्षेत्र में सफल होते हैं।
कमज़ोर शनि
कमज़ोर शनि में आलस, देरी या अनुशासन की कमी रह सकती है। नियमित दिनचर्या, ईमानदार मेहनत और ज़रूरतमंदों की सेवा इसे स्वाभाविक रूप से मज़बूत करते हैं।
शनि की दशा
शनि की महादशा 19 वर्ष की होती है। इस दौरान मेहनत, ज़िम्मेदारी, धैर्य और कर्म-फल का समय रहता है; जो ईमानदारी से काम करता है, उसे इस दशा में स्थायी सफलता मिलती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
साढ़ेसाती क्या है?
जब गोचर में शनि आपकी चंद्र राशि से 12वें, पहले और दूसरे भाव से गुज़रता है, तो उस लगभग साढ़े सात साल की अवधि को साढ़ेसाती कहते हैं। यह मेहनत और सीख का समय होता है, डरने की बात नहीं — कई लोग इसी दौर में बड़ी सफलता पाते हैं।
शनि किस राशि में उच्च होता है?
शनि तुला राशि में उच्च और मेष राशि में नीच होता है। इसकी अपनी राशियाँ मकर और कुंभ हैं।