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सूर्य ग्रह (Sun)

सूर्य ग्रहों का राजा है। वैदिक ज्योतिष में यह आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, सरकार और प्रतिष्ठा का कारक है। कुंडली में सूर्य की स्थिति बताती है कि व्यक्ति का व्यक्तित्व कितना तेजस्वी है और समाज में उसकी पहचान कैसी बनेगी। यह स्वास्थ्य और जीवन-शक्ति का भी संकेत देता है।

कारकआत्मा, पिता, सरकार, आत्मविश्वास
स्वराशिसिंह
उच्चमेष
नीचतुला
मित्रचंद्र, मंगल, गुरु
शत्रुशनि, शुक्र
वाररविवार
रंगलाल / नारंगी / सुनहरा

मज़बूत सूर्य

मज़बूत सूर्य वाले लोग आत्मविश्वासी, नेतृत्व करने वाले और स्पष्ट सोच वाले होते हैं। इन्हें सरकारी क्षेत्र, प्रशासन और सम्मान के पद मिलते हैं।

कमज़ोर सूर्य

कमज़ोर सूर्य में आत्मविश्वास की कमी, निर्णय में झिझक और पिता से दूरी महसूस हो सकती है। नियमित दिनचर्या और सुबह की धूप इसे सहज रूप से सुधारते हैं।

सूर्य की दशा

सूर्य की विंशोत्तरी महादशा 6 वर्ष की होती है। इस समय पहचान, पद, सरकारी काम और पिता से जुड़े विषय सामने आते हैं; मेहनत का फल और सम्मान मिलने की संभावना बढ़ती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुंडली में सूर्य किस चीज़ का कारक है?

सूर्य आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, सरकार, पद-प्रतिष्ठा और जीवन-शक्ति का कारक है। यह बताता है कि व्यक्ति दुनिया के सामने खुद को कैसे प्रस्तुत करता है।

सूर्य किस राशि में उच्च और किस में नीच होता है?

सूर्य मेष राशि में उच्च और तुला राशि में नीच होता है। इसकी अपनी राशि सिंह है।

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