मंगल ग्रह (Mars)
मंगल ग्रहों का सेनापति है। यह ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भाई-बहन, भूमि-संपत्ति और शारीरिक बल का कारक है। कुंडली में मंगल बताता है कि व्यक्ति चुनौतियों से कैसे निपटता है और काम में कितना जोश रखता है। खेल, सेना, इंजीनियरिंग और तकनीक इसी के क्षेत्र हैं।
मज़बूत मंगल
मज़बूत मंगल वाले लोग साहसी, मेहनती और लक्ष्य पर डटे रहने वाले होते हैं। ये खेल, सेना, पुलिस, इंजीनियरिंग और संपत्ति से जुड़े काम में सफल होते हैं।
कमज़ोर मंगल
कमज़ोर मंगल में ऊर्जा की कमी, टालमटोल या जल्दी गुस्सा आने की आदत हो सकती है। नियमित व्यायाम और खेल-कूद इसकी ऊर्जा को सही दिशा देते हैं।
मंगल की दशा
मंगल की महादशा 7 वर्ष की होती है। इस समय साहस, संपत्ति, भाई-बहन, प्रतिस्पर्धा और तकनीकी काम सामने आते हैं; मेहनत और सक्रियता का दौर रहता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मांगलिक होने का क्या मतलब है?
जब कुंडली में मंगल लग्न से 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो उसे मंगल दोष या मांगलिक कहते हैं। यह बहुत आम स्थिति है और कई नियमों से स्वतः कम हो जाती है; इसलिए इससे घबराने की ज़रूरत नहीं।
मंगल किस राशि में उच्च होता है?
मंगल मकर राशि में उच्च और कर्क राशि में नीच होता है। इसकी अपनी राशियाँ मेष और वृश्चिक हैं।