होम › लग्न › कर्क लग्न

कर्क लग्न

जन्म के समय पूर्व में कर्क राशि उदय हो रही थी, तो आपका लग्न कर्क है। इसके स्वामी चंद्र हैं, इसलिए आपकी कुंडली में चंद्र की स्थिति इस लग्न के लिए बहुत मायने रखती है।

स्वामीचंद्र
तत्त्वजल
स्वभावचर
शुभ ग्रह (BPHS)मंगल योगकारक

सामान्य स्वभाव

भावुक, परिवार से जुड़े और दूसरों का ख़याल रखने वाले। यह जल तत्त्व और चंद्र के स्वभाव से आता है। पहले भाव में बैठे ग्रह और उस पर पड़ने वाली दृष्टि इस तस्वीर को काफ़ी बदल सकते हैं।

कर्क लग्न के शुभ ग्रह

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में हर लग्न के लिए बताया गया है कि कौन-से ग्रह अपने भावों के स्वामित्व के कारण अच्छा फल देते हैं। कर्क लग्न के लिए: मंगल योगकारक। इनकी दशा आम तौर पर साथ देने वाली होती है — अगर कुंडली में ग्रह बलवान भी हो।

यह सामान्य जानकारी है। आपका असली फल पूरी कुंडली और चल रही दशा पर निर्भर है। लग्न पक्का नहीं? यह ठीक जन्म-समय से तय होता है।

दूसरे लग्न

मेषवृषभमिथुनसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुंभमीन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कर्क लग्न का स्वामी कौन है?

कर्क लग्न के स्वामी चंद्र हैं। कुंडली में इनका बल और स्थान इस लग्न के फल को काफ़ी हद तक तय करता है।

कर्क लग्न के लिए कौन-से ग्रह शुभ हैं?

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार: मंगल योगकारक। साथ में आपकी कुंडली में उस ग्रह का बलवान होना भी ज़रूरी है।

क्या कर्क लग्न और कर्क राशि एक ही हैं?

नहीं। लग्न जन्म के समय उदय राशि है, राशि चंद्रमा वाली राशि। दोनों एक भी हो सकती हैं और अलग भी — मुफ़्त कुंडली में दोनों देखें।

🔮 अपनी मुफ़्त कुंडली अभी बनाएँ