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वृश्चिक लग्न

जन्म के समय पूर्व में वृश्चिक राशि उदय हो रही थी, तो आपका लग्न वृश्चिक है। इसके स्वामी मंगल हैं, इसलिए आपकी कुंडली में मंगल की स्थिति इस लग्न के लिए बहुत मायने रखती है।

स्वामीमंगल
तत्त्वजल
स्वभावस्थिर
शुभ ग्रह (BPHS)सूर्य-चंद्र मिलकर योगकारक

सामान्य स्वभाव

गहराई, लगन और गुप्त बातों को समझने की क्षमता। यह जल तत्त्व और मंगल के स्वभाव से आता है। पहले भाव में बैठे ग्रह और उस पर पड़ने वाली दृष्टि इस तस्वीर को काफ़ी बदल सकते हैं।

वृश्चिक लग्न के शुभ ग्रह

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में हर लग्न के लिए बताया गया है कि कौन-से ग्रह अपने भावों के स्वामित्व के कारण अच्छा फल देते हैं। वृश्चिक लग्न के लिए: सूर्य-चंद्र मिलकर योगकारक। इनकी दशा आम तौर पर साथ देने वाली होती है — अगर कुंडली में ग्रह बलवान भी हो।

यह सामान्य जानकारी है। आपका असली फल पूरी कुंडली और चल रही दशा पर निर्भर है। लग्न पक्का नहीं? यह ठीक जन्म-समय से तय होता है।

दूसरे लग्न

मेषवृषभमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलाधनुमकरकुंभमीन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वृश्चिक लग्न का स्वामी कौन है?

वृश्चिक लग्न के स्वामी मंगल हैं। कुंडली में इनका बल और स्थान इस लग्न के फल को काफ़ी हद तक तय करता है।

वृश्चिक लग्न के लिए कौन-से ग्रह शुभ हैं?

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र के अनुसार: सूर्य-चंद्र मिलकर योगकारक। साथ में आपकी कुंडली में उस ग्रह का बलवान होना भी ज़रूरी है।

क्या वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि एक ही हैं?

नहीं। लग्न जन्म के समय उदय राशि है, राशि चंद्रमा वाली राशि। दोनों एक भी हो सकती हैं और अलग भी — मुफ़्त कुंडली में दोनों देखें।

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