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लगातार दो-तीन बार छींक — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है

बृहत् संहिता के पुरुष-लक्षण अध्याय में एक साथ दो-तीन बार आने वाली, सुखद आवाज़ वाली छींक को धन-संपन्नता का लक्षण बताया गया है।

शुभ संकेत

शकुन संकेत

यह स्वभाव-लक्षण है, किसी एक दिन का शकुन नहीं।

लंबी और एक-सी आवाज़ वाली छींक को भी शुभ लक्षण कहा गया है।

यह नियम पुरुष-लक्षण अध्याय में है; लोक-परंपरा में स्त्री के लिए भी यही अर्थ लिया जाता है।

आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 68, श्लोक 63।

क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 68, श्लोक 63
क्या करें: शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लगातार दो-तीन बार छींक का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?

यह नियम पुरुष-लक्षण अध्याय में है; लोक-परंपरा में स्त्री के लिए भी यही अर्थ लिया जाता है।

लगातार दो-तीन बार छींक सुबह हो या रात — क्या फ़र्क़ पड़ता है?

शास्त्र समय से ज़्यादा यह देखता है कि छींक किस मौक़े पर आई — काम की शुरुआत, यात्रा या घर-वापसी। सर्दी-ज़ुकाम की छींक शकुन नहीं गिनी जाती।

लगातार दो-तीन बार छींक हो तो क्या उपाय करें?

शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।

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