घर से निकलते समय छींक — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार यात्रा के लिए निकलते समय छींक शुभ नहीं मानी गई — थोड़ा रुककर, पानी पीकर फिर निकलें।
परंपरा में लोग 1–2 मिनट बैठकर फिर निकलते हैं।
बृहत् संहिता का उपाय: अपशकुन पर 11 बार प्राणायाम करके आगे बढ़ें।
बृहत् संहिता में छींक के फल में पुरुष-स्त्री का अलग नियम नहीं दिया; संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 95, श्लोक 60।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या घर से निकलते समय छींक का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता में छींक के फल में पुरुष-स्त्री का अलग नियम नहीं दिया; संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं।
घर से निकलते समय छींक सुबह हो या रात — क्या फ़र्क़ पड़ता है?
शास्त्र समय से ज़्यादा यह देखता है कि छींक किस मौक़े पर आई — काम की शुरुआत, यात्रा या घर-वापसी। सर्दी-ज़ुकाम की छींक शकुन नहीं गिनी जाती।
घर से निकलते समय छींक हो तो क्या उपाय करें?
हाथ-पैर धोकर, थोड़ा पानी पीकर और 11 गहरी साँस लेकर फिर निकलें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।