स्त्रियों के लिए शकुन उलटे क्यों — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता का नियम है कि स्त्रियों के लिए सब शकुन उलटे ग्रहण करें — इसी से पुरुष की दाईं और स्त्री की बाईं आँख फड़कना शुभ माना जाता है।
बृहत् संहिता (52.9) में शरीर के निशानों के लिए भी पुरुष का दायाँ और स्त्री का बायाँ अंग शुभ कहा गया है।
यह परंपरा का नियम है; इसमें कोई ऊँच-नीच नहीं।
यही नियम पुरुष-स्त्री के अंतर का आधार है।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 86, श्लोक 49।
क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 86, श्लोक 49
क्या करें: 2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुरुष और स्त्री के लिए यह नियम अलग है क्या?
यही नियम पुरुष-स्त्री के अंतर का आधार है।
क्या शकुन हमेशा सच होते हैं?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
इसका सबसे आसान उपाय क्या है?
2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें।