शीशा या आईना टूटना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
शीशा टूटना लोक-परंपरा अनुसार मिला-जुला है — कई लोग इसे आई हुई मुसीबत टल जाने का संकेत मानते हैं, तो कई सावधानी का।
शास्त्र में दर्पण दिखना शुभ निमित्त है; टूटने का सीधा नियम नहीं मिलता।
टूटा शीशा घर में न रखें — चोट से बचाव भी यही है।
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शीशा या आईना टूटने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
क्या शीशा या आईना टूटने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
शीशा या आईना टूटना हो तो क्या उपाय करें?
टूटे काँच को सावधानी से काग़ज़ में लपेटकर बाहर फेंकें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।