निकलते समय भरा घड़ा या खाली घड़ा — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार निकलते समय पानी से भरा कलश दिखना यात्रा-सिद्धि का शुभ शकुन है, जबकि खाली घड़ा शुभ नहीं माना गया।
इसी सूची में गाय, दही, फूल, ध्वज और वेद-ध्वनि भी शुभ हैं।
खाली घड़ा दिखे तो कुछ क्षण रुककर, पानी पीकर निकलें।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: मुहूर्त चिंतामणि, अध्याय 11, श्लोक 97–98।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या निकलते समय भरा घड़ा या खाली घड़ा का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या निकलते समय भरा घड़ा या खाली घड़ा का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
निकलते समय भरा घड़ा या खाली घड़ा हो तो क्या उपाय करें?
हाथ-पैर धोकर, थोड़ा पानी पीकर और 11 गहरी साँस लेकर फिर निकलें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।