नए कपड़े में छेद या जलना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार नए वस्त्र में छेद का फल उसकी जगह और आकार से बदलता है — कोनों पर भोग-वृद्धि, बीच में सावधानी; कलश-कमल जैसा आकार लक्ष्मी का संकेत।
संहिता कपड़े को 9 भागों में बाँटकर फल देखती है।
छेद सिलकर या कपड़ा बदलकर पहनें — इतना ही काफ़ी है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 71, श्लोक 1–5।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नए कपड़े में छेद या जलने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या नए कपड़े में छेद या जलने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
नए कपड़े में छेद या जलना हो तो क्या उपाय करें?
2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।