शंख या घंटी की आवाज़ सुनना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार प्रश्न या काम के समय शंख, भेरी या वीणा की मंगल ध्वनि सुनना शुभ शकुन है।
प्रश्न मार्ग भी शंख, वीणा और वेद-ध्वनि को शुभ निमित्त कहता है।
इसी नियम में कौए, गधे या कुत्ते की कर्कश आवाज़ को अशुभ गिना गया है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: मुहूर्त चिंतामणि, अध्याय 6, श्लोक 9।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शंख या घंटी की आवाज़ सुनने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या शंख या घंटी की आवाज़ सुनने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
शंख या घंटी की आवाज़ सुनना हो तो क्या उपाय करें?
शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।