निकलते समय कोई टोक दे या पीछे से बुलाए — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
निकलते समय कोई टोक दे या पीछे से बुलाए तो लोक-परंपरा अनुसार इसे रुकावट माना जाता है — दो पल बैठकर, पानी पीकर फिर निकलें।
प्रश्न मार्ग का नियम: पहला अपशकुन हो तो लौटकर पैर धोएँ और 11 प्राणायाम करें।
टोकने वाले पर नाराज़ न हों; ज़रूरी बात हो तो सुन लें।
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या निकलते समय किसी के टोकने या पीछे से बुलाने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
क्या निकलते समय किसी के टोकने या पीछे से बुलाने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
निकलते समय कोई टोक दे या पीछे से बुलाए तो क्या उपाय करें?
हाथ-पैर धोकर, थोड़ा पानी पीकर और 11 गहरी साँस लेकर फिर निकलें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।