नीलकंठ पक्षी दिखना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार नीलकंठ (blue-jay) का दिखना यात्री के लिए सफलता का संकेत है; दशहरे पर इसका दर्शन लोक-परंपरा में बहुत शुभ है।
चोंच में कीड़ा लिए दाईं ओर उड़ता नीलकंठ जल्दी धन-लाभ बताता है।
इसकी 'क्रा-क्रा' आवाज़ को संहिता शुभ नहीं मानती, पर दर्शन शुभ है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 88, श्लोक 25।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नीलकंठ पक्षी दिखने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या नीलकंठ पक्षी दिखने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
नीलकंठ पक्षी दिखना हो तो क्या उपाय करें?
शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।