होम › बिना जन्म-तिथि ज्योतिष › शकुन संकेत › कोयल की आवाज़ सुनना — शास्त्र और परंपरा क्या क…

कोयल की आवाज़ सुनना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है

बृहत् संहिता के अनुसार कोयल की मीठी 'चिचित' आवाज़ सौभाग्य और 'सुलि-सुलि' धन-लाभ का संकेत है; 'चच्छा' जैसी कर्कश आवाज़ शुभ नहीं।

शुभ संकेत

शकुन संकेत

मुहूर्त चिंतामणि में यात्रा के समय कोयल बाईं ओर शुभ बताई गई है।

सुबह कोयल की कूक मन प्रसन्न करती है — यही उसका सबसे बड़ा फल है।

बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।

आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 88, श्लोक 14।

क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 88, श्लोक 14
क्या करें: शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कोयल की आवाज़ सुनने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?

बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।

क्या कोयल की आवाज़ सुनने का फल हमेशा सच होता है?

शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।

कोयल की आवाज़ सुनना हो तो क्या उपाय करें?

शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।

इनसे जुड़े और अर्थ

सभी देखें: शकुन संकेत

बिना जन्म-तिथि के और टूल