कौआ सिर पर चोंच या पंजा मारे — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता में कौए का सिर, छाया या व्यक्ति को पंजे से छूना शुभ नहीं माना गया — घबराएँ नहीं, बस कुछ दिन सजग रहें।
अक्सर कौए अपने घोंसले या बच्चों की रक्षा में ऐसा करते हैं।
संहिता के अनुसार कौआ परिक्रमा करे या फूल गिराए तो उलटे सम्मान मिलता है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 95, श्लोक 14।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कौए के सिर पर चोंच या पंजा मारने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या कौए के सिर पर चोंच या पंजा मारने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
कौआ सिर पर चोंच या पंजा मारे तो क्या उपाय करें?
बृहत् संहिता के अनुसार अपशकुन पर 11 बार प्राणायाम (गहरी साँस) करके ही आगे बढ़ें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।