यात्रा शुरू करते ही कौआ कान के पास से उड़े — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार यात्रा की शुरुआत में कौआ कान के पास से गुज़रे तो शुभ है — मनचाहा काम बनने का संकेत।
अगर कौआ बोलते हुए आपकी ओर उड़कर आए तो संहिता यात्रा से जल्दी लौटने का संकेत बताती है।
बाईं ओर से बोलते हुए पीछे-पीछे चले तो धन-लाभ कहा गया है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 95, श्लोक 25।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यात्रा शुरू करते ही कौए के कान के पास से उड़ने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या यात्रा शुरू करते ही कौए के कान के पास से उड़ने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
यात्रा शुरू करते ही कौआ कान के पास से उड़े तो क्या उपाय करें?
शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।