दो कौओं का आपस में भोजन बाँटना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार कौए आपस में भोजन बाँटते दिखें तो बड़ी ख़ुशी का संकेत है।
कौआ-जोड़ा साथ बोले तो संहिता इसे गृहस्थ-सुख से जोड़ती है।
परिवार में मेल-जोल बढ़ाने का अच्छा समय माना जाता है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 95, श्लोक 43।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दो कौओं के आपस में भोजन बाँटने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या दो कौओं के आपस में भोजन बाँटने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
दो कौओं का आपस में भोजन बाँटना हो तो क्या उपाय करें?
शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।