खंजन पक्षी (ममोला) दिखना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार खंजन पक्षी का पहला दर्शन सूर्योदय के समय हो तो श्रेष्ठ माना गया है; सूर्यास्त पर दर्शन का फल कम बताया गया।
कमल, साफ़ जगह या हरी घास पर बैठा खंजन समृद्धि का संकेत है।
संहिता कहती है पहले दर्शन का फल लगभग एक वर्ष में दिखता है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 45, श्लोक 10, 16।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या खंजन पक्षी (ममोला) दिखने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या खंजन पक्षी (ममोला) दिखने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
खंजन पक्षी (ममोला) दिखना हो तो क्या उपाय करें?
शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।