चींटियों का अंडे लेकर जाना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार चींटियाँ अंडे लेकर ऊँची जगह जाएँ तो जल्दी बारिश, और अंडे पानी में डालें तो बारिश रुकने का संकेत है।
वर्षा-काल में थलचर जीव पानी में और जलचर थल पर आएँ तो बहुत बारिश बताई गई है।
लोक-परंपरा में घर में काली चींटियों की क़तार को धन आने से भी जोड़ते हैं।
मौसम-शकुन सबके लिए एक जैसे हैं।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 95, श्लोक 58–59।
क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 95, श्लोक 58–59
क्या करें: चींटियों के लिए आटे-चीनी के कुछ दाने घर के बाहर रखें, अंदर सफ़ाई रखें।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुरुष और स्त्री के लिए यह नियम अलग है क्या?
मौसम-शकुन सबके लिए एक जैसे हैं।
क्या शकुन हमेशा सच होते हैं?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
इसका सबसे आसान उपाय क्या है?
चींटियों के लिए आटे-चीनी के कुछ दाने घर के बाहर रखें, अंदर सफ़ाई रखें।