साँप का रास्ता काटना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार यात्रा में साँप सामने की ओर आए तो सावधानी, बाईं ओर से गुज़रे तो काम में देर पर यात्रा सुरक्षित रहने का संकेत है।
मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार साँप का नाम लेना शुभ और दिखना अशुभ माना गया है।
साँप को न छेड़ें; दूर से रास्ता बदल लें और ज़रूरत हो तो वन-विभाग को बुलाएँ।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 88, श्लोक 19।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या साँप के रास्ता काटने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या साँप के रास्ता काटने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
साँप का रास्ता काटना हो तो क्या उपाय करें?
बृहत् संहिता के अनुसार अपशकुन पर 11 बार प्राणायाम (गहरी साँस) करके ही आगे बढ़ें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।