बिल्ली का रास्ता काटना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बिल्ली का रास्ता काटना लोक-परंपरा अनुसार अपशकुन माना जाता है, पर शास्त्र में इसका सीधा नियम नहीं; बृहत् संहिता बिल्ली की आवाज़ को शुभ कहती है।
परंपरा में लोग कुछ क्षण रुककर या किसी और के गुज़रने के बाद आगे बढ़ते हैं।
बिल्ली को भगाना या मारना ठीक नहीं — वह बस अपने रास्ते जा रही होती है।
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बिल्ली के रास्ता काटने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
लोक-परंपरा में इसका फल पुरुष और स्त्री दोनों के लिए एक जैसा माना जाता है।
क्या बिल्ली के रास्ता काटने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
बिल्ली का रास्ता काटना हो तो क्या उपाय करें?
2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।