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मेंढक की आवाज़ और बारिश — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है

बृहत् संहिता के अनुसार मेंढकों का टर्राना, मछलियों का उछलना और नमक का पसीजना जल्दी बारिश के संकेत माने गए हैं।

शकुन संकेत

बिल्ली का ज़मीन कुरेदना और लोहे पर मैल जमना भी इसी सूची में है।

यह मौसम-शकुन है — किसी व्यक्ति के शुभ-अशुभ से नहीं जुड़ा।

मौसम-शकुन सबके लिए एक जैसे हैं।

आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 28, श्लोक 3–6।

क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 28, श्लोक 3–6
क्या करें: शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुरुष और स्त्री के लिए यह नियम अलग है क्या?

मौसम-शकुन सबके लिए एक जैसे हैं।

क्या शकुन हमेशा सच होते हैं?

शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।

इसका सबसे आसान उपाय क्या है?

शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें।

इनसे जुड़े और अर्थ

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