कुत्ते का रोना या पीछे से भौंकना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार पीछे से कुत्ते का रोना या भौंकना काम में रुकावट का संकेत है — सावधानी रखें, पर डरें नहीं।
संहिता के अनुसार बाईं ओर 'ओ' जैसी आवाज़ में कुत्ते का स्वर धन-लाभ बताता है।
कुत्ते अक्सर अकेलेपन, भूख, ठंड या सायरन सुनकर रोते हैं।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 89, श्लोक 15।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कुत्ते के रोने या पीछे से भौंकने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या कुत्ते के रोने या पीछे से भौंकने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
कुत्ते का रोना या पीछे से भौंकना हो तो क्या उपाय करें?
कुत्ते को रोटी और पानी दें, और 11 गहरी साँस लेकर मन शांत करें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।