कुत्ता घुटना या जाँघ सूँघे — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार कुत्ता बायाँ घुटना सूँघे तो धन-लाभ, दायाँ घुटना सूँघे तो स्त्रियों से विवाद से सावधानी का संकेत है।
बाईं जाँघ सूँघे तो सुख-भोग, दाईं जाँघ सूँघे तो मित्रों में मनमुटाव से सावधानी।
पालतू कुत्ते का सूँघना स्वाभाविक व्यवहार है; उसे शकुन न गिनें।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 89, श्लोक 11।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कुत्ते के घुटना या जाँघ सूँघने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या कुत्ते के घुटना या जाँघ सूँघने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
कुत्ता घुटना या जाँघ सूँघे तो क्या उपाय करें?
2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।