गाय का रंभाना या प्रसन्न दिखना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार गायें प्रसन्न, भीगी या रोमांचित दिखें तो धन बढ़ता है; रात में बैल रंभाए तो शुभ, पर बिना कारण गाय रोए तो सावधानी।
शाम को 'बम्भा' करती बैलों के पीछे आती गायें गौशाला में बढ़ोतरी बताती हैं।
मक्खियों या कुत्तों से परेशान गायें जल्द बारिश का संकेत मानी गई हैं।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 92, श्लोक 2–3।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गाय के रंभाने या प्रसन्न दिखने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या गाय के रंभाने या प्रसन्न दिखने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
गाय का रंभाना या प्रसन्न दिखना हो तो क्या उपाय करें?
शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।