कुत्ते का गायों के साथ खेलना — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार कुत्ता गायों के साथ खेलता दिखे तो भरपूर अन्न, समृद्धि, अच्छी सेहत और ख़ुशी का संकेत है।
उदास आँखों से खाता कुत्ता संहिता में घर के मुखिया के दुःख का संकेत बताया गया है।
पशुओं के प्रति दया रखना सबसे बड़ा शुभ काम है।
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 89, श्लोक 10।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कुत्ते के गायों के साथ खेलने का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।
क्या कुत्ते के गायों के साथ खेलने का फल हमेशा सच होता है?
शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।
कुत्ते का गायों के साथ खेलना हो तो क्या उपाय करें?
शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।