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सुबह मुर्गे की बांग — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है

बृहत् संहिता के अनुसार सुबह मुर्गे की लंबी, स्वाभाविक और ऊँची बांग गाँव-नगर के लिए समृद्धि का संकेत है।

शुभ संकेत

शकुन संकेत

रात में डरावनी आवाज़ या बीमार मुर्गे की आवाज़ का यह फल नहीं।

सुबह जल्दी उठने की याद दिलाना भी इसका अच्छा फल है।

बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।

आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 88, श्लोक 34।

क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 88, श्लोक 34
क्या करें: शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सुबह मुर्गे की बांग का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?

बृहत् संहिता का सामान्य नियम है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं; इस शकुन का अलग नियम नहीं दिया।

क्या सुबह मुर्गे की बांग का फल हमेशा सच होता है?

शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।

सुबह मुर्गे की बांग हो तो क्या उपाय करें?

शुभ संकेत को अच्छे काम में लगाएँ — आज किसी ज़रूरतमंद या पक्षियों को दाना-पानी दें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।

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