छिपकली की आवाज़ (चिक-चिक) — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है
बृहत् संहिता के अनुसार घरेलू छिपकली की आवाज़ का फल उसकी दिशा से तय होता है — शांत दिशा से आई आवाज़ शुभ, दीप्त दिशा से सावधानी।
संहिता कहती है कि पक्षियों के लिए बताए दिशा-फल छिपकली की आवाज़ पर भी लागू होते हैं।
सूर्य जिस दिशा में हो वह 'दीप्त' और बाक़ी पाँच दिशाएँ 'शांत' मानी जाती हैं।
संहिता में यहाँ पुरुष-स्त्री का अलग नियम नहीं; सामान्य नियम से स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 88, श्लोक 47।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या छिपकली की आवाज़ (चिक-चिक) का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
संहिता में यहाँ पुरुष-स्त्री का अलग नियम नहीं; सामान्य नियम से स्त्रियों के लिए शकुन उलटे पढ़े जाते हैं।
छिपकली की आवाज़ (चिक-चिक) के बाद पहले क्या करें?
लोक-परंपरा में स्नान या हाथ-पैर धोकर इष्टदेव का नाम लेते हैं। घरेलू छिपकली ज़हरीली नहीं होती — घबराएँ नहीं।
छिपकली की आवाज़ (चिक-चिक) हो तो क्या उपाय करें?
2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें। डरने की ज़रूरत नहीं — शकुन सिर्फ़ संकेत है, फल आपके कर्म से बनता है।