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छिपकली गिरने के बाद क्या करें — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है

छिपकली गिरे तो लोक-परंपरा अनुसार स्नान करें या हाथ-पैर धोएँ, इष्टदेव का नाम लें और मन शांत रखें — डरने की कोई बात नहीं।

शकुन संकेत

कई परंपराओं में दीपक जलाकर भगवान का स्मरण करते हैं।

घरेलू छिपकली ज़हरीली नहीं होती; त्वचा पर जलन हो तो साबुन से धो लें।

लोक-परंपरा में पुरुष के दाहिने और स्त्री के बाएँ अंग पर छिपकली गिरना अधिक शुभ माना जाता है।

आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।

क्यों?लोक-परंपरा अनुसार
क्या करें: स्नान करें या हाथ-पैर धोएँ, इष्टदेव का नाम लें और मन शांत रखें; डरने की ज़रूरत नहीं।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुरुष और स्त्री के लिए यह नियम अलग है क्या?

लोक-परंपरा में पुरुष के दाहिने और स्त्री के बाएँ अंग पर छिपकली गिरना अधिक शुभ माना जाता है।

क्या शकुन हमेशा सच होते हैं?

शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।

इसका सबसे आसान उपाय क्या है?

स्नान करें या हाथ-पैर धोएँ, इष्टदेव का नाम लें और मन शांत रखें; डरने की ज़रूरत नहीं।

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