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सूर्य पर्वत — हथेली में सूर्य पर्वत का अर्थ

सूर्य पर्वत का गुण: कला, सुंदरता और चमकने की इच्छा।

सूर्य पर्वत कहाँ होता है?

अनामिका के नीचे।

हथेली को हल्का मोड़कर बगल से देखें — जो हिस्सा गद्दी जैसा उठा दिखे, वह उभरा पर्वत है; जो हिस्सा बाक़ी हथेली जितना ही बराबर हो, वह सपाट है।

उभरा या सपाट सूर्य पर्वत

उभरा हुआसूर्य पर्वत उभरा: कला, सुंदरता और चमकने की इच्छा।
सपाटसूर्य पर्वत सपाट: नाम से ज़्यादा काम पर ध्यान; अपनी प्रतिभा दिखाने में संकोच न करें।
सामान्यन ज़्यादा उभरा, न सपाट — इस पर्वत के गुण संतुलित रहते हैं।

सूर्य पर्वत पर निशान

तारासूर्य पर्वत पर तारा: नाम और कामयाबी का संकेत।
क्रॉससूर्य पर्वत पर क्रॉस: इस पर्वत के गुण में कुछ रुकावटें — धैर्य रखें। एक चिह्न निर्णायक नहीं।
वर्गसूर्य पर्वत पर वर्ग (चौकोर निशान): कठिन समय में बचाव और सहारे का संकेत।
जालीसूर्य पर्वत पर जाली: इस पर्वत के गुण में कुछ अड़चन — लगातार अभ्यास से सुधरती है।
ध्यान रखें एक अकेला चिह्न निर्णायक नहीं; दोनों हाथ देखें — और अपनी इच्छा-शक्ति से प्रवृत्ति बदली जा सकती है। हाथ पढ़ने वाला सच बोले, पर सहानुभूति के साथ — इसलिए यहाँ उम्र, बीमारी या डराने वाली बात नहीं बताई जाती। आधार: पारंपरिक हस्तरेखा-शास्त्र

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सूर्य पर्वत कहाँ होता है?

अनामिका के नीचे।

उभरा हुआ सूर्य पर्वत क्या बताता है?

परंपरा में उभरा सूर्य पर्वत उस पर्वत के गुण ज़्यादा होने का संकेत माना जाता है, और सपाट होना कम। यह सिर्फ़ एक संकेत है; पूरा हाथ मिलाकर देखें।

क्या एक पर्वत से कोई फ़ैसला होता है?

नहीं। हस्तरेखा सोचने का एक तरीक़ा है, गारंटी नहीं। एक निशान या पर्वत से कोई फ़ैसला न लें।