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माथे पर तिल — सामुद्रिक शास्त्र क्या कहता है

बृहत् संहिता के अनुसार माथे पर तिल धन-प्राप्ति का संकेत है; सामुद्रिक शास्त्र स्त्री के माथे के तिल को ऊँचे पद और ज्ञान से जोड़ता है।

शुभ संकेत

दायाँबायाँ

माथे का तिल नेतृत्व और नाम कमाने से जोड़ा जाता है।

दाईं ओर पुरुष के लिए और बाईं ओर स्त्री के लिए अधिक शुभ।

पुरुष: धन-प्राप्ति (बृहत् संहिता 52.3); स्त्री: सामुद्रिक (89) में राज्य-सूचक, ज्ञान देने वाला और दुःख दूर करने वाला।

आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 52, श्लोक 3।

क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 52, श्लोक 3
क्या करें: बड़ों का सम्मान करें और ज़रूरतमंद को भोजन कराएँ — यह शुभ लक्षण को और बढ़ाता है।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या माथे पर तिल का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?

पुरुष: धन-प्राप्ति (बृहत् संहिता 52.3); स्त्री: सामुद्रिक (89) में राज्य-सूचक, ज्ञान देने वाला और दुःख दूर करने वाला।

क्या माथे पर तिल का फल बदल सकता है?

हाँ — सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि शील (अच्छा आचरण) हर लक्षण से बड़ा है; अच्छे आचरण वाला व्यक्ति कम शुभ लक्षण होने पर भी श्रेष्ठ माना जाता है।

क्या माथे पर तिल हटवाना चाहिए?

सिर्फ़ ज्योतिष के कारण तिल हटवाने की ज़रूरत नहीं। तिल का आकार, रंग या किनारा बदले, ख़ून आए या खुजली हो तो त्वचा-डॉक्टर को दिखाएँ।

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