दोनों भौंहों के बीच तिल — सामुद्रिक शास्त्र क्या कहता है
भौंहों के बीच तिल पर ग्रंथ अलग हैं — बृहत् संहिता प्रतिष्ठा का ध्यान रखने को कहती है, जबकि सामुद्रिक इसे स्त्री के लिए ऊँचे पद का संकेत कहता है।
यह जगह 'आज्ञा चक्र' की मानी जाती है; ध्यान-साधना से जोड़ी जाती है।
अपने वचन और आचरण साफ़ रखें — यही इसका उपाय है।
पुरुष के लिए बृहत् संहिता (52.2) में सावधानी; स्त्री के लिए सामुद्रिक (89) में राज्य-सूचक और ज्ञान देने वाला।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 52, श्लोक 2।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दोनों भौंहों के बीच तिल का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
पुरुष के लिए बृहत् संहिता (52.2) में सावधानी; स्त्री के लिए सामुद्रिक (89) में राज्य-सूचक और ज्ञान देने वाला।
क्या दोनों भौंहों के बीच तिल का फल बदल सकता है?
हाँ — सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि शील (अच्छा आचरण) हर लक्षण से बड़ा है; अच्छे आचरण वाला व्यक्ति कम शुभ लक्षण होने पर भी श्रेष्ठ माना जाता है।
क्या दोनों भौंहों के बीच तिल हटवाना चाहिए?
सिर्फ़ ज्योतिष के कारण तिल हटवाने की ज़रूरत नहीं। तिल का आकार, रंग या किनारा बदले, ख़ून आए या खुजली हो तो त्वचा-डॉक्टर को दिखाएँ।