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टखने पर तिल — सामुद्रिक शास्त्र क्या कहता है

बृहत् संहिता के अनुसार टखने पर तिल थकाने वाली यात्राओं और रुकावट से सावधानी का संकेत है; सामुद्रिक भी स्त्री के टखने के तिल पर बचत की सलाह जैसा मत रखता है।

सावधानी

तिल का राज़

यात्रा की योजना पहले से बनाएँ।

लोक-परंपरा में टखने का तिल घूमने के शौक़ से भी जोड़ा जाता है।

पुरुष: बृहत् संहिता (52.7) में यात्रा-कष्ट से सावधानी; स्त्री: सामुद्रिक (95) में धन-कमी से सावधानी।

आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 52, श्लोक 7।

क्यों?आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 52, श्लोक 7
क्या करें: हर महीने आमदनी का छोटा हिस्सा अलग बचाएँ और ख़र्च लिखकर रखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या टखने पर तिल का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?

पुरुष: बृहत् संहिता (52.7) में यात्रा-कष्ट से सावधानी; स्त्री: सामुद्रिक (95) में धन-कमी से सावधानी।

क्या टखने पर तिल का फल बदल सकता है?

हाँ — सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि शील (अच्छा आचरण) हर लक्षण से बड़ा है; अच्छे आचरण वाला व्यक्ति कम शुभ लक्षण होने पर भी श्रेष्ठ माना जाता है।

क्या टखने पर तिल हटवाना चाहिए?

सिर्फ़ ज्योतिष के कारण तिल हटवाने की ज़रूरत नहीं। तिल का आकार, रंग या किनारा बदले, ख़ून आए या खुजली हो तो त्वचा-डॉक्टर को दिखाएँ।

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