पेट पर तिल — सामुद्रिक शास्त्र क्या कहता है
पेट पर तिल का फल पुरुष-स्त्री में अलग है — बृहत् संहिता पुरुष को सावधानी कहती है, सामुद्रिक स्त्री के पेट के बाएँ तिल को सुख-सम्मान वाला बताता है।
लोक-परंपरा में पेट का तिल खाने के शौक़ से भी जोड़ा जाता है।
पेट के तिल को देखकर भोजन-संयम की आदत रखें — यही सबसे अच्छा उपाय है।
पुरुष: बृहत् संहिता (52.6) में दुःख से सावधानी; स्त्री: सामुद्रिक (98, 101) में बाईं ओर का तिल सम्मान और सुख देने वाला।
आधार: बृहत् संहिता, अध्याय 52, श्लोक 6।
by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पेट पर तिल का फल पुरुष और स्त्री के लिए अलग है?
पुरुष: बृहत् संहिता (52.6) में दुःख से सावधानी; स्त्री: सामुद्रिक (98, 101) में बाईं ओर का तिल सम्मान और सुख देने वाला।
क्या पेट पर तिल का फल बदल सकता है?
हाँ — सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि शील (अच्छा आचरण) हर लक्षण से बड़ा है; अच्छे आचरण वाला व्यक्ति कम शुभ लक्षण होने पर भी श्रेष्ठ माना जाता है।
क्या पेट पर तिल हटवाना चाहिए?
सिर्फ़ ज्योतिष के कारण तिल हटवाने की ज़रूरत नहीं। तिल का आकार, रंग या किनारा बदले, ख़ून आए या खुजली हो तो त्वचा-डॉक्टर को दिखाएँ।