होम › बिना जन्म-तिथि ज्योतिष › शकुन संकेत › शरीर के अंग फड़कना — नियम — शास्त्र और परंपरा …

शरीर के अंग फड़कना — नियम — शास्त्र और परंपरा क्या कहती है

लोक-परंपरा अनुसार पुरुष के दाहिने और स्त्री के बाएँ अंग का फड़कना शुभ, उलटी तरफ़ सावधानी का संकेत माना जाता है।

शकुन संकेत

बृहत् संहिता (86.49) भी कहती है कि स्त्रियों के लिए शकुन उलटे ग्रहण करें — यही सोच इस परंपरा में दिखती है।

लोक-परंपरा में पुरुष के दाहिने और स्त्री के बाएँ अंग का फड़कना शुभ माना जाता है; उलटी तरफ़ सावधानी का संकेत।

आधार: लोक-परंपरा अनुसार — इस पर शास्त्र-ग्रंथ का सीधा श्लोक हमारे भंडार में नहीं मिला।

क्यों?लोक-परंपरा अनुसार
क्या करें: 2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें।

by VedicDost — फल शास्त्र-नियमों से, कोई जानकारी सेव नहीं होती

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुरुष और स्त्री के लिए यह नियम अलग है क्या?

लोक-परंपरा में पुरुष के दाहिने और स्त्री के बाएँ अंग का फड़कना शुभ माना जाता है; उलटी तरफ़ सावधानी का संकेत।

क्या शकुन हमेशा सच होते हैं?

शकुन एक संकेत माना जाता है, गारंटी नहीं। शास्त्र भी कहता है कि मन की प्रसन्नता और अपना कर्म सबसे बड़ा शकुन है।

इसका सबसे आसान उपाय क्या है?

2 मिनट आँखें बंद कर 11 गहरी साँस लें, इष्टदेव का नाम लें और शांत मन से काम शुरू करें।

इनसे जुड़े और अर्थ

सभी देखें: शकुन संकेत

बिना जन्म-तिथि के और टूल