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स्वाति नक्षत्र

15वाँ नक्षत्र · स्वामी राहु · राशि तुला

स्वामी ग्रहराहु
राशितुला
देवतावायु
प्रतीकहवा में झूलता नया अंकुर / मूँगा
नाम अक्षररू, रे, रो, ता
गणदेव

स्वभाव

स्वाति के जातक स्वतंत्र विचारों वाले, लचीले और व्यवहार-कुशल होते हैं। ये हवा की तरह हर परिस्थिति में ढल जाते हैं। इन्हें आज़ादी प्यारी है और ये अपने दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

करियर

व्यापार, बिक्री, कूटनीति, वकालत, यात्रा, विमानन और स्वतंत्र पेशों में ये अच्छा करते हैं। अपना व्यवसाय इन्हें खूब जमता है।

रिश्ते

रिश्तों में ये संतुलन बनाने वाले और सौम्य होते हैं। साथी से थोड़ा निजी स्थान चाहते हैं; यह मिले तो रिश्ता खिलता है।

सुझाव: आज़ादी के साथ जड़ें भी बनाएँ — एक स्थायी दिनचर्या आपको उड़ान में भी स्थिर रखेगी।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्वाति नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

स्वाति का स्वामी राहु है और देवता वायु हैं। यह तुला राशि में आता है।

स्वाति नक्षत्र के लोग किस काम में अच्छे होते हैं?

व्यापार, बातचीत, बिक्री और स्वतंत्र पेशों में ये अच्छे होते हैं, क्योंकि ये हर परिस्थिति में खुद को ढाल लेते हैं।

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