पुष्य नक्षत्र
8वाँ नक्षत्र · स्वामी शनि · राशि कर्क
स्वभाव
पुष्य के जातक पोषण करने वाले, धैर्यवान और भरोसेमंद होते हैं। ये दूसरों की देखभाल में सुख पाते हैं और मेहनत से धीरे-धीरे ऊँचाई तक पहुँचते हैं। स्वभाव में गंभीरता और विनम्रता दोनों होती हैं।
करियर
शिक्षण, खान-पान, डेयरी, स्वास्थ्य सेवा, धर्म-कार्य, प्रशासन और परामर्श में ये अच्छा करते हैं। लंबे समय की योजना इनकी ताकत है।
रिश्ते
रिश्तों में ये सहारा बनने वाले साथी हैं। परिवार के लिए त्याग करते हैं, बस अपनी ज़रूरतों को भी याद रखें।
सुझाव: दूसरों का ध्यान रखते हुए अपने आराम और स्वास्थ्य के लिए भी समय निकालें।
🔮 क्या आपका जन्म नक्षत्र पुष्य है? मुफ़्त जाँचें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ क्यों कहा जाता है?
पुष्य को 'नक्षत्रों का राजा' कहा गया है क्योंकि यह पोषण, वृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है। खरीदारी और नई शुरुआत के लिए इसे अच्छा माना जाता है।
पुष्य नक्षत्र का स्वामी कौन है?
पुष्य का स्वामी ग्रह शनि है और देवता बृहस्पति हैं। यह कर्क राशि में आता है।