पुनर्वसु नक्षत्र
7वाँ नक्षत्र · स्वामी गुरु · राशि मिथुन / कर्क
स्वभाव
पुनर्वसु के जातक सरल, उदार और आशावादी होते हैं। गिरकर फिर उठना इनका स्वभाव है, इसीलिए इसका नाम 'फिर से प्रकाश' है। ये दूसरों को सहारा देने वाले और धार्मिक सोच वाले होते हैं।
करियर
शिक्षा, धर्म-दर्शन, परामर्श, लेखन, यात्रा, होटल और सेवा क्षेत्र में ये अच्छा करते हैं। जहाँ दूसरों को मार्गदर्शन देना हो, वहाँ ये खिलते हैं।
रिश्ते
रिश्तों में ये क्षमाशील और भरोसेमंद होते हैं। परिवार और घर इन्हें प्रिय है; ये रिश्ते को दोबारा जोड़ने की क्षमता रखते हैं।
सुझाव: जहाँ से रुके हों, वहीं से फिर शुरू करें — आपकी ताकत नई शुरुआत में है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुनर्वसु नक्षत्र का अर्थ क्या है?
पुनर्वसु का अर्थ है 'फिर से अच्छा होना' या 'फिर से प्रकाश'। इसका स्वामी गुरु और देवता अदिति हैं, जो देवताओं की माता मानी जाती हैं।
पुनर्वसु नक्षत्र किन राशियों में आता है?
पुनर्वसु के पहले तीन चरण मिथुन में और चौथा चरण कर्क राशि में आता है।