मूल नक्षत्र
19वाँ नक्षत्र · स्वामी केतु · राशि धनु
स्वभाव
मूल के जातक हर बात की जड़ तक जाने वाले, खोजी और स्पष्ट सोच वाले होते हैं। इन्हें सतही बातें पसंद नहीं। ये दार्शनिक, निडर और स्वतंत्र विचार रखने वाले होते हैं।
करियर
अनुसंधान, चिकित्सा, औषधि, दर्शन, ज्योतिष, जाँच-पड़ताल और लेखन में ये अच्छा करते हैं। जहाँ गहराई चाहिए, वहाँ ये सबसे आगे रहते हैं।
रिश्ते
रिश्तों में ये सच्चे और सीधे होते हैं। भावनाओं को शब्द देना सीखें, तो साथी आपको बेहतर समझेगा।
सुझाव: पुरानी बातों को पकड़कर न रखें — जड़ मज़बूत है, तो नई शाखाएँ भी निकलेंगी।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मूल नक्षत्र का स्वामी कौन है?
मूल का स्वामी ग्रह केतु है और देवता निर्ऋति हैं। यह धनु राशि में आता है।
क्या मूल नक्षत्र में जन्म लेना चिंता की बात है?
नहीं। मूल गहराई और खोज का नक्षत्र है; इसमें जन्मे कई लोग शोध, चिकित्सा और दर्शन में बड़ा नाम करते हैं। किसी भी नक्षत्र से डरने की ज़रूरत नहीं है।