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ज्येष्ठा नक्षत्र

18वाँ नक्षत्र · स्वामी बुध · राशि वृश्चिक

स्वामी ग्रहबुध
राशिवृश्चिक
देवताइंद्र
प्रतीककुंडल / छत्र
नाम अक्षरनो, या, यी, यू
गणराक्षस

स्वभाव

ज्येष्ठा के जातक ज़िम्मेदार, संरक्षक और बड़े भाई-बहन जैसे स्वभाव के होते हैं। इनमें नेतृत्व, तीक्ष्ण बुद्धि और अपने लोगों की रक्षा का भाव होता है। कभी-कभी ये खुद पर बहुत बोझ ले लेते हैं।

करियर

प्रबंधन, पुलिस-सेना, प्रशासन, खोजी काम, वाणिज्य और नेतृत्व के पदों पर ये अच्छा करते हैं। संकट में निर्णय लेना इनकी ताकत है।

रिश्ते

रिश्तों में ये रक्षा करने वाले और ज़िम्मेदार साथी हैं। नियंत्रण के बजाय भरोसा दें, तो रिश्ता हल्का रहता है।

सुझाव: सारी ज़िम्मेदारी अकेले न उठाएँ — काम बाँटना भी नेतृत्व का हिस्सा है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

ज्येष्ठा का स्वामी बुध है और देवता इंद्र हैं। यह वृश्चिक राशि में आता है।

ज्येष्ठा नाम का अर्थ क्या है?

ज्येष्ठा का अर्थ है 'सबसे बड़ा' या 'वरिष्ठ'। इसमें जन्मे लोग स्वभाव से संरक्षक और ज़िम्मेदार होते हैं।

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