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श्रवण नक्षत्र

22वाँ नक्षत्र · स्वामी चंद्र · राशि मकर

स्वामी ग्रहचंद्र
राशिमकर
देवताविष्णु
प्रतीककान / तीन पदचिह्न
नाम अक्षरखी, खू, खे, खो
गणदेव

स्वभाव

श्रवण के जातक अच्छे श्रोता, ज्ञान के प्रेमी और सीखने वाले होते हैं। ये सुनकर समझते हैं और धीरे-धीरे विद्वान बनते हैं। स्वभाव विनम्र, संगठित और परंपरा से जुड़ा होता है।

करियर

शिक्षा, संचार, मीडिया, भाषा, परामर्श, संगीत, अध्यात्म और प्रशासन में ये अच्छा करते हैं। जहाँ सुनना और समझाना दोनों हों, वहाँ ये खिलते हैं।

रिश्ते

रिश्तों में ये समझदार और धैर्यवान साथी हैं। साथी की बात सुनना इन्हें आता है; अपनी बात भी ज़रूर रखें।

सुझाव: हर दिन कुछ नया सुनें या पढ़ें — सीखना ही आपकी तरक्की का रास्ता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

श्रवण नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

श्रवण का स्वामी चंद्र है और देवता भगवान विष्णु हैं। यह मकर राशि में आता है।

श्रवण नक्षत्र के प्रतीक 'कान' का क्या मतलब है?

कान सुनने और सीखने का प्रतीक है। श्रवण के जातक सुनकर ज्ञान पाते हैं और अच्छे विद्यार्थी व सलाहकार बनते हैं।

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