गणना वैदिक पद्धति (लाहिड़ी) से। अंग्रेज़ी वेबसाइटें पश्चिमी पद्धति से राशि बताती हैं, इसलिए वहाँ आपकी राशि अलग दिख सकती है। यहाँ "राशि" का मतलब चंद्र राशि है।
लग्न कुंडली (D1)
नवांश कुंडली (D9) विवाह
दशमांश कुंडली (D10) करियर
सप्तांश कुंडली (D7) संतान
भाव चलित कुंडली
अंक = राशि (1 मेष … 12 मीन) · ल = लग्न · * = वक्री (उल्टी चाल)
| ग्रह | राशि | अंश | भाव | नक्षत्र (चरण) |
|---|
गणना: लाहिड़ी अयनांश, संपूर्ण राशि भाव पद्धति, मध्यम राहु-केतु।
कोई बड़ा काम कब होगा, यह तीन बातें मिलाकर देखा जाता है: (1) कुंडली में उसका वादा, (2) उससे जुड़ी दशा, (3) गुरु और शनि का एक साथ उस घर पर असर (दोहरा गोचर)। फिर जैमिनी चर दशा से पुष्टि होती है — दोनों दशाएँ मिलें तो वह "पक्का समय" है। यह वैदिक ज्योतिष की पुरानी और भरोसेमंद पद्धति है।
AI ज्योतिषी आपकी कुंडली देखकर जवाब देते हैं। हर जवाब के नीचे "🔍 क्यों?" दबाकर आधार देखें।
यह केवल जानकारी के लिए है, जो ज्योतिष पर आधारित है।
आज ग्रह कहाँ हैं (गोचर):